Invention and Inventor of Cooler : क्या आप जानते है कूलर का आविष्कार किसने किया, बेहद दिलचस्प है कहानी

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Invention and Inventor of Cooler : Cooler ka avishkar kisne kiya : गर्मियों का मौसम अपने जब अपने चरम पर होता है तो हर कोई ठंडी हवा ढूंढने लगता है। भारत के अधिकतर राज्यों में भयंकर गर्मी पड़ती है और आम पंखों चिलचिलाती गर्मी में फेल हो जाते है। अब गर्मी के प्रचंड प्रकोप से बचने के लिए हर आम आदमी एयर कंडीशनर यानी एसी तो नहीं लगा सकता ऐसे में सबसे अच्छा उपाय बनकर आता है कूलर। जी हां आपने तकरीबन हर मिडिल क्लास फैमिली के घर में Cooler जरूर देखा होगा जो मार्केट में आसानी से हर बजट हर मॉडल और साइज में उपलब्ध होते है। रखरखाव में आसान होने की वजह से ये लंबे समय तक बिना ज्यादा खर्च के सुकून भरी हवा देते है।अब ये तो हुई कूलर की सहूलियत की बात पर क्या आप जानते है कूलर का आविष्कार (Cooler ka avishkar) किसने किया था। कड़कती गर्मी से निजात दिलाने के लिए इतना अच्छा आविष्कार करने वाले को एक धन्यवाद तो बनता है तो आज हम आपको बताएंगे की कूलर का आविष्कार किसने किया और क्या थी इस अविष्कार के पीछे की सोच जिसने इस प्रोडक्ट का भविष्य पहचाना और आज ये दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है।

Details about Invention and Inventor of Cooler 

किसने किया कूलर का आविष्कार - Who is Inventor of Cooler 

गर्मियों में ठंडी ठंडी हवा देने वाले कूलर का आविष्कार सबसे पहले अमेरिका के रीचर्ड सी लेरेमी - Richard C. Leremy ने साल 1951 में किया था। जब लेरेमी ने कूलर बनाया था तब इसका इस्तेमाल हवा देने के लिए नहीं बल्कि खाने पीने के वस्तुओं को ठंडा रखने के लिए किया जाता था। यहां तक कि तब इस मशीन का नाम कूलर नहीं बल्कि आइसबॉक्स - Icebox था और लोग इस डिब्बे जैसी चीज को ज्यादातर पिकनिक पर जाते हुए इस्तेमाल करते थे। घर से बाहर खाने पीने की चीजों को गर्मी में खराब होने से बचाने के लिए आइसबॉक्स का इस्तेमाल किया जाता था।

रिचर्ड सी लेरेमी - Richard C. Leremy के बाद कोलमैन - Coleman ने बनाया Cooler 

अपने अविष्कार को रिचर्ड सी लेरेमी ने पोर्टेबल आइस चेस्ट - Portable Ice Chest के नाम से पेटेंट करा लिया और इस आइडिया को नेक्स्ट लेवल पर ले जाते हुए 3 साल बाद कोलमैन नाम की कंपनी ने कूलर बनाया। कोलमैन - Coleman कंपनी ने आइस चेस्ट बॉक्स से प्रेरणा लेते हुए अपने इंजीनियरों से ऐसी मशीन बनवाई जिसमे पंखा, मोटर , सेल जाली लगाकर ठंडी हवा के लिए इस्तेमाल किया जा सके। शुरुआत में इस मशीन के साथ आइस चेस्ट बॉक्स अटैच किया गया जिसमे बर्फ भरकर ठंडी हवा  निकाली जा सके। कोलमैन कंपनी ने इस मशीन को कूलर नाम दिया और ये मशीन इतनी हिट हुई कि पहले ही साल लाखों यूनिट बिक गए।

शुरुआत में Cooler के साथ किए गए कई प्रयोग

मौजूदा समय में जिस कूलर का इस्तेमाल आम तौर पर किया जाता है वो एवापोरेटिव कूलर है। यानी जो पानी की नमी से हवा को ठंडा करके फेंकता है। सबसे पहले जो कूलर बनाया गया था वो ठंडी हवा तो देता था पर तब न उसमे ज्यादा गति थी और न ज्यादा कैपेसिटी। कूलर के पहले अविष्कार - Cooler ke avishkar के बाद इसमें कई सारे बदलाव किए गए जैसे स्पीड कंट्रोल, वाटर पंप और घास की चैनल। इन सब बदलावों में काफी साल लगे और अब जो कूलर हम इस्तेमाल करते है वो तब की तुलना में बेहद उच्च तकनीक का माना जा सकता है।

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